R K Laxman Books
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उन्होंने नेताओं पर व्यंग्य किया, व्यवस्था की विसंगतियों को उजागर किया और एक ऐसे आम आदमी को अमर कर दिया, जिसकी खामोशी में पूरे देश की आवाज़ सुनाई देती ...
उन्होंने नेताओं पर व्यंग्य किया, व्यवस्था की विसंगतियों को उजागर किया और एक ऐसे आम आदमी को अमर कर दिया, जिसकी खामोशी में पूरे देश की आवाज़ सुनाई देती ...